🇮🇳 भारत जैसे महान देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण—महत्व, कारण और प्रभाव
(UPSC Mains स्तर का 3000-शब्दीय निबंध) भूमिका भारत एक ऐसा देश है जिसकी सामाजिक संरचना अत्यंत जटिल, ऐतिहासिक रूप से स्तरीकृत और विविधतापूर्ण है। यहाँ विकास, अवसर और संसाधनों तक पहुँच केवल व्यक्तिगत क्षमता पर ही निर्भर नहीं रही, बल्कि सामाजिक वर्ग, जातिगत स्थिति, शिक्षा, भूमि के स्वामित्व और आर्थिक साधनों से भी निर्धारित होती रही है। संविधान निर्माताओं ने इस ऐतिहासिक अन्याय को ध्यान में रखते हुए सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण व्यवस्था का प्रावधान किया था। परंतु समय के साथ सामाजिक-आर्थिक ढाँचा बदलता गया, जिसके परिणामस्वरूप यह बहस सामने आई कि क्या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) भी आरक्षण के समान अधिकारों के पात्र हैं? 2019 में 103वें संविधान संशोधन द्वारा केंद्र सरकार ने आर्थिक मानदंड पर आधारित EWS आरक्षण लागू किया। यह न केवल आरक्षण नीति के विकास में एक ऐतिहासिक परिवर्तन था, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की नई दिशा का संकेत भी था, जिसमें सामाजिक न्याय को केवल जाति तक सीमित न होकर आर्थिक दुर्बलता के आधार पर भी परिभाषित किया जा रहा है। यह निबंधt. भारत जैसे बहुस्तरीय ...