No - 361 जीवन एक रणभूमि है
जीवन एक रणभूमि है, डरकर यहाँ न जीना है। हर आँधी से टकराकर ही, इतिहास नया लिखना है। पथ चाहे पथरीला हो, कदम कभी न डगमगाएँ। लाख अँधेरे घेर लें चाहे, मन के दीप न बुझ पाएँ। अपने भीतर अग्नि जला, संकल्पों को तलवार बना। ज्ञान को अपना अस्त्र बना, चरित्र को सच्चा कवच बना। मेहनत की मिट्टी से उठकर, सोने-सा निखरना सीख। गिरना यदि तक़दीर बने, तो हर बार सँवरना सीख। यदि कोई तुझे कम आँके, मुस्कान से उत्तर देना। यदि कोई राह में रोड़े डाले, परिश्रम से शिखर छू लेना। सत्य तेरी पहचान रहे, सेवा तेरा अभिमान रहे। न्याय के पथ पर अडिग खड़ा, यही तेरा सम्मान रहे। याद रख— सिंहासन विरासत से मिल सकते हैं, सम्मान नहीं। सम्मान वही पाता है, जो संघर्ष से अपना मार्ग बनाता है। उड़ इतनी ऊँची कि आकाश भी तेरे हौसले को नाप न सके। बढ़ इतना आगे कि समय भी तेरे साहस को भुला न सके। जीवन एक रणभूमि है, हर दिन स्वयं से युद्ध करो। भय को हराओ, आलस्य को हराओ, अपने श्रेष्ठ स्वरूप को प्रकट करो। जब तक साँस, तब तक प्रयास। जब तक प्रयास, तब तक विश्वास। और जब विश्वास अटल हो जाए, तो असंभव भी झुक जाए। उठो,...