फेफड़ों का कैंसर अब सिर्फ स्मोकर्स में नहीं।प्रदूषण = नया साइलेंट किलर।
धूम्रपान न करने वालों में भी बढ़ रहा फेफड़ों का कैंसर 09/11/2025 फेफड़ों का कैंसर दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ने वाले कैंसरों में से एक है। जहाँ पहले इसे केवल धूम्रपान करने वालों का रोग माना जाता था, वहीं अब चिकित्सक और शोधकर्ता इस बात पर सहमत हैं कि नॉन-स्मोकर्स (जो कभी सिगरेट या तंबाकू से जुड़े नहीं) वे भी तेजी से इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। यह परिवर्तन केवल एक चिकित्सा घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और पर्यावरणीय चेतावनी है। नॉन-स्मोकर्स में तेजी से बढ़ते मामले मेदांता अस्पताल के वरिष्ठ फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमार बताते हैं कि आज 25-30% फेफड़ों का कैंसर उन व्यक्तियों में पाया जा रहा है, जिन्होंने जीवनभर सिगरेट को हाथ तक नहीं लगाया। यह आँकड़ा केवल चौंकाने वाला नहीं, बल्कि यह स्पष्ट संकेत है कि रोग के पीछे मुख्य कारक बदल चुके हैं। आज प्रमुख कारण क्या हैं? शहरों के बढ़ते प्रदूषण स्तर बेंजीन, रैडॉन, सल्फर ऑक्साइड, NO₂ जैसी जहरीली गैसें ट्रैफिक और औद्योगिक धुएं में मौजूद Carcinogens वायु में PM 2.5 और PM 10 जैसे महीन कण घरों में बनने वाला धुआं / इनडोर एयर ...