हर दिन नया है, हर दिन अंतिम है


हर दिन नया है, हर दिन अंतिम है,
जीवन क्षण-क्षण में संपूर्ण है।
जो आज मिला है श्वास तुम्हें,
वही प्रभु का सबसे बड़ा वरण है।

मत टालो सपनों को कल पर,
कल केवल एक कल्पना है,
जो करना है, अभी कर डालो,
यही समय की सच्ची साधना है।

यदि आज अंतिम संध्या होती,
क्या तुम यूँ ही मौन खड़े रहते?
या साहस की ज्वाला बनकर
अपने भीतर के पर्वत चढ़ते?

समय न रुकता राजाओं पर,
न साधारण जन पर ठहरता है,
जो जाग गया इस क्षण में,
वही अमर पथ पर चलता है।

क्रोध त्यागो, अहंकार मिटाओ,
प्रेम को अपना अस्त्र बनाओ,
यदि अंतिम दिन समझ सको तो
हर रिश्ते को गले लगाओ।

एक प्रतिशत भी जीत की आशा हो,
तो सौ प्रतिशत पुरुषार्थ करो,
भाग्य नहीं, परिश्रम लिखता है,
अपने कर्मों से इतिहास रचो।

हर प्रभात नया अवसर है,
हर साँझ आत्ममंथन है,
जो हर दिन को अंतिम जी ले,
वही सच्चा जीवन धन है।

यदि आज ही अंतिम अवसर हो,
तो क्या तुम डरकर जी पाओगे?
या मुस्काकर संसार को
अपना श्रेष्ठ देकर जाओगे?

चलो ऐसे जियो कि हर क्षण में
उद्देश्य की अग्नि प्रखर रहे,
यदि मृत्यु भी आ जाए सम्मुख,
तो भी मन निर्भय और निखर रहे।

हर दिन नया है, हर दिन अंतिम है—
इसे केवल शब्द न रहने दो,
इसे अपने जीवन का संकल्प बनाओ,
इसे अपने कर्मों में बहने दो।

जब भी सूरज उगे, याद रखो—
यह अवसर फिर लौटेगा नहीं,
आज जो कर सकते हो साहस से,
वह कल शायद होगा नहीं।

ऐसे जियो कि अंतिम क्षण में
पछतावे की छाया न हो,
केवल संतोष की मुस्कान हो,
और हृदय में प्रकाश भरा हो।

हर दिन नया है, हर दिन अंतिम है—
यही जीवन का मंत्र महान।
जो इसे हृदय में उतार ले,
वही सच्चा विजेता, वही धन्य इंसान।

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