“भारत माता की शपथ – युगों की अमर गाथा” 🇮🇳


🔱 १. आध्यात्मिक एवं प्राचीन भारत

जब करुणा का प्रथम दीप जला,
जग में मानवता का ज्ञान हुआ,
जब मध्यम मार्ग का संदेश मिला—
गौतम बुद्ध से विश्व महान हुआ।

जब अहिंसा का व्रत अमर बना,
संयम का पावन पथ साकार,
महावीर ने जग को सिखलाया—
आत्मविजय ही है असली सार।

जब अद्वैत की ज्योति प्रज्वलित हुई,
ज्ञान बना जीवन का आधार,
आदि शंकराचार्य ने जोड़ा भारत—
एक सूत्र, एक संस्कार।

जब मौर्य ध्वजा लहराई नभ में,
अखंड भारत का स्वप्न साकार,
सिंहासन पर विराजित थे
चंद्रगुप्त मौर्य अपार।

जब कलिंग के रण से बदल गया
एक सम्राट का अंतर्मन,
शस्त्र त्याग धर्म अपनाया—
अशोक बना शांति का वंदन।

⚔️ २. मध्यकालीन शौर्य

जब अरावली की शपथ लिए
वन-वन अडिग रहे प्रताप,
स्वाभिमान का अर्थ सिखाया
महाराणा प्रताप ने आप।

जब सह्याद्रि की गूँज बनी
हिंदवी स्वराज की पुकार,
शिवाजी ने गढ़ा स्वाभिमान—
जन-जन का अधिकार।

जब खालसा की गरज सुनाई दी,
धर्म-रक्षा का लिया प्रण महान,
गुरु गोविंद सिंह ने गढ़ दिए
सिंह समान बलिदानी जवान।

🔥 ३. स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला

जब प्रथम चिंगारी दहकी थी
मंगल पांडे के शौर्य-विचार,
तब क्रांति की नींव रखी गई—
अन्याय हुआ लाचार।

जब किशोर वय में हँसते-हँसते
खुदीराम बोस चढ़े फाँसी पर,
जब गूँजे क्रांति-गीत प्रखर
राम प्रसाद बिस्मिल के स्वर।

जब हँसकर फाँसी को चूमा
भगत सिंह ने निर्भय भाव,
जब संग थे अटल-अविचल
शिवराम राजगुरु और
सुखदेव थापर का प्रभाव।

जब अल्फ्रेड पार्क में गूँजी
चंद्रशेखर आज़ाद की ललकार,
जब “तुम मुझे खून दो” पुकारे
सुभाष चंद्र बोस बारंबार।

🪖 ४. आधुनिक भारत के रणवीर

जब कारगिल की चोटियों पर
दुश्मन काँपा बार-बार,
“ये दिल माँगे मोर!” पुकारे
विक्रम बत्रा रणधार।

जब आतंक के अंधियारे में
वीरता ने ली हुंकार,
मोहित शर्मा ने हँसकर दिया
जीवन-बलिदान अपार।

🌺 ५. युवा आह्वान

सुनो युवाओं!
ये नाम मात्र इतिहास नहीं—
ये भारत की शपथ महान,
ये ऋषि, सम्राट, संत, क्रांतिकारी—
हम सबकी पहचान।

हर युग में, हर रणभूमि में,
हर अन्याय की दीवार,
एक अभिमन्यु जन्म लेता—
बनकर ज्वाला, हुंकार!

अगर आज तुम मौन खड़े हो
अन्यायों के सामने,
तो याद करो यह पुण्य-धरा—
जहाँ ऋषि भी जन्मे, रणवीर भी थामे।

उनकी हर बूँद पुकार रही—
“मत बनो तम के साथ,
सत्य अकेला दिखे अगर भी—
तुम बन जाना उसका हाथ!”

उठो युवाओं!
तन-मन-जीवन अर्पित कर दो,
भारत माता के चरणों में नाम—
यही हो अपनी पहचान।

🇮🇳 वन्दे मातरम्! भारत माता की जय! 🇮🇳

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Consistency Se Zero Se Banta Hai Hero

🇮🇳 "भारत अपनी बेटियों पर गर्व करता है" 🇮🇳 ✍️With Respect & Pride— Rakesh Mishra

🌿 कर्म पथ (प्रेरक शैली) 🌿