Kranti Goud : संघर्ष से चमक तक की यात्रा
एक साधारण लड़की से भारत की गौरवशाली तेज गेंदबाज बनने की अद्भुत कहानी
लेख : राकेश मिश्र
प्रेरक वक्ता | समाज चेतना से जुड़े | भारतीय संस्कृति के वाहक
✨ भूमिका : सपनों का कोई आकार नहीं होता
सपने छोटे नहीं होते,
सपनों को छोटा देखने वाले लोग छोटे होते हैं। इस दुनिया में बहुत सी लड़कियाँ ऐसी हैं, जिनके पास प्रतिभा होती है, जुनून होता है और आकाश छूने की क्षमता भी होती है, लेकिन समाज, घर की सोच, आर्थिक स्थितियाँ और परिस्थितियाँ अक्सर उनकी उड़ान को रोकने की कोशिश करती हैं। लेकिन कभी-कभी… इसी मिट्टी से एक ऐसी चिंगारी उठती है जो आग बनकर उजाला कर देती है।
Kranti Goud उसी आग का नाम है।
वह सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं — साहस का स्वरूप,
मेहनत की पहचान और नारी शक्ति का चमकता उदाहरण हैं।
यह कहानी है एक ऐसी लड़की की
जो परिस्थितियों के सामने झुकी नहीं,
बल्कि परिस्थितियों को अपने सामने झुकाया।
🌱 बचपन : साधारण परिवार, असाधारण सपने
Kranti का जन्म मध्य प्रदेश की उस धरती पर हुआ
जहाँ जीवन सरल था लेकिन संघर्ष कभी सरल नहीं होते।घर में कोई ऐसा नहीं था जो कह सके कि वह क्रिकेट के बारे में बहुत जानता है। लेकिन प्रतिभा को रास्ता नहीं पूछना होता वह खुद रास्ता बना लेती है। Kranti का बचपन उन हजारों-लाखों भारतीय लड़कियों की तरह ही था
जो:
- सुबह रसोई के काम में हाथ बँटाती हैं
- स्कूल जाती हैं
- और फिर शाम को घर की ज़िम्मेदारियों में फिर से जुट जाती हैं
लेकिन इन सबके बीच
उनके दिल में एक सपना चुपचाप धड़कता था—
“मुझे क्रिकेट खेलना है।”
🏃♀️ पहला संघर्ष : मैदान तक पहुँचने की कहानी
क्रिकेट सिर्फ बल्ला-बॉल से नहीं खेला जाता, यह जुनून और धैर्य के बल पर खेला जाता है। जहाँ बड़े शहरों में अकादमियाँ, कोच, सुविधाएँ होती हैं, वहीं Kranti जैसे गाँवों में मैदान ही उपलब्धि होता है। वह कई बार किलोमीटर पैदल चलकर प्रैक्टिस करने जाती थीं।
जूते फट जाते थे —
तो सिले जाते।
किट नहीं होती थी —
तो उधार माँगी जाती।
लोग कहते:
“लड़की होकर क्रिकेट? यह सब लड़कों के खेल हैं।”
लेकिन Kranti ने जवाब दिया — शब्दों से नहीं, मेहनत से।
🏏 क्रिकेट में पहला कदम
जब Kranti ने पहली बार गेंद हाथ में ली,
तो कोच ने कहा: “इस लड़की के हाथ में आग है।”
धीरे-धीरे उन्होंने तेज़ गेंदबाजी को अपनी पहचान बनाया।
तेज़ गेंदबाज होना आसान नहीं— हर गेंद शरीर से ऊर्जा खींचती है, हर रन दबाव बढ़ाता है, हर ओवर धैर्य की परीक्षा लेता है।
लेकिन Kranti
लड़ी नहीं — डटी रहीं।
हर अभ्यास में,
हर चोट में,
हर हार में,
वे और मजबूत होती गईं।
🏆 राज्य से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर
State Tournament में प्रदर्शन ने
चयनकर्ताओं को उनकी क्षमता दिखाई।
उनका नाम भारतीय U19 महिला क्रिकेट टीम के लिए चुन लिया गया। जिस दिन यह खबर आई, वह सिर्फ Kranti की जीत नहीं थी— वह उनके परिवार, गाँव और हर उस लड़की की जीत थी
जिस पर कभी किसी ने कहा था: “ये नहीं कर पाएगी।”
क्रांति को क्रिकेटर बनाया कोच राजीव बिल्थारे की दूरदृष्टि ने
2017 में जब क्रांति गौड़ ने छतरपुर में क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब न उसके पास जूते थे, न किट, और न ही कोचिंग की फीस देने की सामर्थ्य।
लेकिन महान कोच वही होता है, जो प्रतिभा को आँखों से नहीं, दिल से पहचानता है।
कोच राजीव बिल्थारे ने क्रांति की काबिलियत को पहली नजर में पहचान लिया।
उन्होंने क्रांति को नि:शुल्क कोचिंग दी और अच्छे जूते खरीदने के लिए स्वयं 1600 रुपये दिए।
आज जब क्रांति भारतीय क्रिकेट टीम में देश का झंडा बुलंद कर रही है, तो उसके पीछे कोच राजीव बिल्थारे का विश्वास, समर्पण और मार्गदर्शन खड़ा है।
अगर उस समय राजीव सर क्रांति पर भरोसा न करते,उसे मौका और सहारा न देते,तो शायद आज छतरपुर की बेटी क्रांति,भारत के क्रिकेट इतिहास में जीत की नई कहानी न लिख पाती।
एक सच्चा गुरु सिर्फ प्रशिक्षण नहीं देता — वह भविष्य गढ़ता है और आज क्रांति की प्रत्येक जीत,
उनकी गुरु-भक्ति और कोच की दूरदृष्टि का प्रमाण है।
🌍 विश्व कप और बड़ी जिम्मेदारी
2023 में U19 Women’s T20 World Cup होने वाला था। भारत की मुख्य तेज गेंदबाज Renuka Singh Thakur चोटिल थीं।
अब भारत को चाहिए था:
- शांत दिमाग,
- मजबूत कंधा,
- तेज कदम,
- और साहसी दिल।
यह जिम्मेदारी सौंपी गई Kranti Goud को।
🎖️ विश्व कप में प्रदर्शन : एक योद्धा का खेल
Kranti ने टूर्नामेंट में 9 महत्वपूर्ण विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी शब्दों में नहीं, उनकी आँखों की दृढ़ता में दिखती थी।
- वह हर बल्लेबाज को पढ़ती थीं
- गेम-प्लान बनाती थीं
- लाइन और लेंथ का संयम रखती थीं
और सबसे बड़ी बात—
दबाव में भी शांत।
क्योंकि असली खिलाड़ी वही होता है
जो मैच नहीं, पल को जीतता है।
🏆 भारत की ऐतिहासिक जीत
भारत ने अपना पहला U19 महिला T20 विश्व कप जीता। 🇮🇳 यह सिर्फ इतिहास नहीं था—
यह भविष्य की नई शुरुआत थी।
और इस जीत की तेज़ गेंदबाजी की रीढ़ थीं —
Kranti Goud।
🌈 इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
| सीख | अर्थ |
|---|---|
| सपने किसी के लिए छोटे-बड़े नहीं होते | बस उन्हें पूरा करने की इच्छा सच्ची होनी चाहिए |
| संघर्ष तकलीफ़ देता है | लेकिन संघर्ष के बाद की जीत जीवन बदल देती है |
| प्रतिभा को अवसर चाहिए | और अवसर उन्हें मिलता है जो हार नहीं मानते |
| लड़कियाँ सब कुछ कर सकती हैं | बस उन्हें रोकने की नहीं, बढ़ने की आज़ादी दें |
| अनुशासन सफलता की रीढ़ है | रोज़ की मेहनत चमत्कार बनाती है |
🔥 युवाओं के लिए संदेश (मेरी आवाज़ में)
अगर आप रुक गए तो सपने भी रुक जाएंगे।
अगर आप डट गए तो दुनिया भी झुक जाएगी।
गिरना अंत नहीं —
उठना ही जीवन की शुरुआत है।
✍️ समापन
यह लेख मैंने सिर्फ शब्दों से नहीं,
दिल से लिखा है। क्योंकि मैं मानता हूँ — हर लड़की एक शक्ति है। बस उसे यह याद दिलाने की जरूरत है।
आज भारत गर्व से कहता है:
हमारी बेटियाँ इतिहास बना रही हैं। 🇮🇳✨
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